
कॉन्टेक्स्ट मारे खरपतवार चालाकी से गेहूँ में चौड़ी पत्ती का नया खरपतवारनाशी
- चौड़ी पत्ती पर असरदार
- चालाकी वाला प्रभाव
- बेहतर नियंत्रण
चौड़ी पत्ती के खरपतवार किसान के सबसे बड़े धोखेबाज दुश्मन हैं। ये छुपकर खेत में फसल पोषण और पानी चुराते हैं, और पैदावार घटा देते हैं।
नतीजा, फसल की बढ़ोतरी रुक जाती है, पैदावार और गुणवत्ता घट जाती है। इन धोखेबाज चौड़ी पत्ती के खरपतवारों से निपटने के लिए किसान को भी चालाक बनना होगा – अपनानी होगी चालाकी वाली रणनीति।
इसीलिए पायनियर लेकर आया है कॉन्टेक्स्ट – चौड़ी पत्ती का ऐसा खरपतवारनाशी, जो अपने चालाक प्रभाव से खरपतवारों को दे मात।
कॉन्टेक्स्ट अपनी लॉन्ग-लास्टिंग चालाकी और ताकत से खरपतवारों को हटाता है। खरपतवार सोचता है तेजी से बढ़ रहा हूँ, पर वे पौधे मुरझा जाते हैं।
अब वक्त आ गया है, धोखेबाज चौड़ी पत्ती वाले खरपतवारों को चालाकी से खत्म करने का।
कॉन्टेक्स्ट कैसे करता है चौड़ी पत्ती के खरपतवारों पर चालाक वार?
- चालाक शुरुआत: नवीनतम रसायन फ्लूरोक्सीपायर खरपतवार के प्राकृतिक ऑक्सिन हार्मोन की नकल करता है।
- झूठी खुशखबरी: खरपतवार सोचता है ऊतकों का बंटवारा मिल रहा है, तेजी से बढ़ने लगता है।
- असामान्य बढ़वार: पौधों की वृद्धि प्रक्रिया को बाधित कर असामान्य और अप्राकृतिक बढ़वार को जन्म देता है।
- खरपतवार का अंत: खरपतवार की प्रजाति संकेतन प्रक्रिया रोक देता है, जिससे खरपतवार थककर मर जाते हैं।
खरपतवार की पूरी मृत्यु मिट्टी के प्रकार (हल्की या भारी) पर निर्भर करती है और 7–14 दिन ले सकती है। हालांकि, शुरुआती लक्षण – मुरझाना, पत्तियों का गिरना, टेढ़ापन/मुड़ना, पौधों का झुकना और वृद्धि का रुकना – आमतौर पर छिड़काव के 7 दिनों के भीतर दिखाई देने लगते हैं।
कॉन्टेक्स्ट की चालाकी भरी विशिष्टताएँ
- चौड़ी पत्ती पर चालाक वार: कॉन्टेक्स्ट बिल्ली बूटी, रारी, जंगली हलोन, पितपपड़ा, कांटियाली पालक, जैसे छिपे खरपतवारों को अपनी चालाकी से मात देता है।
- अनोखी चालबाज़ी: कॉन्टेक्स्ट खरपतवार के अंदर जाकर उसके बढ़त हार्मोन की नकल करता है, जिससे वे तेजी से बढ़कर मारे जाते हैं।
- लंबे असर की ताक़त: रिज़िडुअल एक्शन लंबे समय तक खरपतवारों को पनपने नहीं देता और नई फसल पर भी असरदार है।
- प्रतिरोध तोड़ने की चालाक ताक़त: बथुआ, जंगली सैंजी और जंगली पालक जैसे जटिल खरपतवार भी कॉन्टेक्स्ट की दोहरी चालाक क्रियाविधि के सामने टिक नहीं पाते।
कॉन्टेक्स्ट से नियंत्रित प्रमुख खरपतवार
- बथुआ
- बिल्ली बूटी
- जंगली हलोन
- पितपपड़ा
- जंगली सैंजी
- जंगली पालक
- कांटियाली पालक
- रारी / रेवटी
कॉन्टेक्स्ट की चालाकी के लिए मात्रा और उपयोग का समय
- प्रति एकड़ 500 मिली कॉन्टेक्स्ट को 200 लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव करें।
- छिड़काव के लिए फ्लैट फैन या फ्लड जेट नोज़ल का प्रयोग करें।
- कॉन्टेक्स्ट का छिड़काव खरपतवारों की 2–4 पत्ती की अवस्था में और खेत में नमी होने पर करें।
नोट: पहली सिंचाई के बाद (बुवाई के 21–30 दिनों में) या जब चौड़ी पत्ती के खरपतवार 2–4 पत्ती के हों, तब छिड़काव करें।
कॉन्टेक्स्ट की ज़रूरी बातें
- चौड़ी पत्ती के खरपतवारों की 2–4 पत्ती की अवस्था पर छिड़काव करें।
- स्प्रे से पहले खेत में पर्याप्त नमी सुनिश्चित करें।
- एक समान छिड़काव सुनिश्चित करें और एक ही स्थान पर दोबारा छिड़काव न करें।
- कॉन्टेक्स्ट के बाद गेहूँ में हल्का पीला पन दिख सकता है, लेकिन इससे फसल की बढ़वार या उपज पर कोई फर्क नहीं पड़ता।
- कॉन्टेक्स्ट डालने के बाद 5 दिनों तक खेत में सिंचाई न करें।
- गहरी बुवाई या कड़क होने पर छिड़काव न करें।
- परीक्षणों से साबित है कि अन्य खरपतवारनाशकों की तुलना में कॉन्टेक्स्ट से उपज सुरक्षित रहती है।
